इस्लामाबाद, 15 सितंबर।
शंघाई सहयोग संगठन के क्षेत्रीय आतंकवाद-विरोधी ढांचे रैट्स की काउंसिल ने ईरान पर हालिया अमेरिकी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। काउंसिल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का विरोध दोहराते हुए क्षेत्र में तनाव घटाने और शांति कायम करने की जरूरत बताई।
यह रुख सोमवार को इस्लामाबाद में हुई एससीओ रैट्स काउंसिल की 46वीं बैठक में सामने आया। बैठक की अध्यक्षता पाकिस्तान ने की। इसमें बेलारूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में एससीओ रैट्स की कार्यकारी समिति के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, काउंसिल ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय एजेंडे से जुड़े मौजूदा विषयों पर चर्चा की।
काउंसिल ने ईरान के खिलाफ हुए नए अमेरिकी सैन्य हमलों की निंदा करते हुए इस मुद्दे पर एससीओ की पहले व्यक्त की जा चुकी स्थिति को दोहराया। संगठन ने सैन्य कार्रवाई के विरोध का अपना रुख कायम रखा।
बैठक के दौरान ईरान के मारे गए सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और अन्य मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई गई। काउंसिल ने ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन की बात भी दोहराई।
एससीओ रैट्स ने क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन किया। काउंसिल ने शांति बहाली और स्थिरता सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
बैठक में एससीओ रैट्स काउंसिल की अध्यक्षता पाकिस्तान से रूस को सौंप दी गई। इसके साथ ही संगठन के क्षेत्रीय आतंकवाद-विरोधी ढांचे की अगली अध्यक्षता रूस के पास आ गई।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर नए हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
इन जवाबी हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ऐसे समय में एससीओ रैट्स काउंसिल ने सैन्य कार्रवाई के विरोध के साथ तनाव कम करने और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया।
















