लंदन, 15 सितंबर।
ब्रिटेन, अमेरिका और नीदरलैंड्स ने ईरान से जुड़े साइबर खतरों को लेकर संयुक्त साइबर सुरक्षा सलाह जारी की है। इसमें ऐसे स्पाइवेयर को लेकर चेतावनी दी गई है, जिसके जरिए ईरान से जुड़े सरकारी साइबर समूहों द्वारा असंतुष्टों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को निशाना बनाए जाने का आरोप है।
ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र के अनुसार, ईरानी राज्य से जुड़े साइबर हमलावरों ने ‘चुजेन ब्रिक’ नामक स्पाइवेयर का इस्तेमाल संवेदनशील डिजिटल जानकारी हासिल करने के लिए किया है।
सलाह में बताया गया है कि हमलावरों ने लक्षित फर्जी संदेशों के जरिए उपयोगकर्ताओं को फंसाने की कोशिश की। इसके लिए व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे संदेश मंचों के उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र के मुताबिक, ऐसे हमलों का मकसद ईमेल, निजी संदेशों और अन्य संवेदनशील डिजिटल सूचनाओं तक पहुंच हासिल करना हो सकता है। राजनीतिक या सामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोगों, पत्रकारों और ईरान से संबंधित संवेदनशील विषयों पर काम करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
तीनों देशों की संयुक्त साइबर सुरक्षा सलाह का उद्देश्य सुरक्षा संगठनों और संभावित निशाने पर रहने वाले उपयोगकर्ताओं को ईरान से जुड़े साइबर अभियानों की पहचान करने तथा उनसे बचाव के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है।
ब्रिटेन, अमेरिका और नीदरलैंड्स ने राज्य समर्थित साइबर गतिविधियों से उत्पन्न खतरों के बीच सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
















