काठमांडू, 16 सितंबर।
नेपाल सरकार मातृत्व और पितृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत माताओं का मौजूदा 90 दिन का मातृत्व अवकाश बढ़ाकर छह महीने और पिता का 15 दिन का अवकाश बढ़ाकर 42 दिन करने की तैयारी है।
कानून, न्याय एवं संसदीय मामलों की मंत्री सोविता गौतम ने बताया कि सुरक्षित मातृत्व तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार अधिनियम, 2018 में संशोधन के लिए विधेयक तैयार कर लिया गया है। अब इसे मंत्रिपरिषद के माध्यम से संसद में पेश करने की तैयारी है।
प्रस्तावित विधेयक में मां को कम से कम छह महीने का वेतन सहित मातृत्व अवकाश देने का प्रावधान है। वहीं, पिता को बच्चे और मां की देखभाल के लिए 42 दिनों तक वेतन सहित अवकाश देने का प्रस्ताव रखा गया है।
मंत्री गौतम ने इसे सुरक्षित मातृत्व और अभिभावकत्व से जुड़ा महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव बताया। मंत्रालय के अनुसार, व्यस्त जीवन, काम के बढ़ते दबाव और बदलती जीवनशैली के कारण परिवारों में बच्चों की संख्या सीमित हो रही है। ऐसे में माता-पिता को नवजात और परिवार के साथ पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।
गौतम ने कहा कि मातृत्व जीवन में सीमित अवसरों पर आने वाला विशेष समय है। इस दौरान माता-पिता को नवजात बच्चे और परिवार के साथ पर्याप्त समय मिलना जरूरी है और इसे सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि बच्चे को जन्म देना मां से जुड़ी प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी केवल मां तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बच्चे की देखभाल और परवरिश माता-पिता की साझा जिम्मेदारी है।
















