न्यूयॉर्क, 17 सितंबर ।
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट के तहत 72.5 करोड़ डॉलर की भारी-भरकम राशि जमा करवा दी है। इस हालिया भुगतान से संयुक्त राष्ट्र महासभा में वर्ष 2027 के दौरान अमेरिका के मतदान के अधिकार पर मंडरा रहा बड़ा संकट फिलहाल टल गया है।
संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका ने यह वित्तीय योगदान बुधवार को दिया है। इससे पहले बीते शुक्रवार को अमेरिकी प्रशासन ने शांति स्थापना अभियानों के मद में भी 10.2 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था।
भले ही इस ताज़ा अदायगी से अमेरिका का कुछ वित्तीय बोझ कम हुआ हो, लेकिन इसके बावजूद जिम्बाब्वे या अन्य बकायों की तरह संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट का लगभग 1.312 अरब डॉलर अभी भी अमेरिकी हिस्से में बकाया चल रहा है।
तथापि, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 19 के प्रावधानों के तहत यह नया भुगतान अमेरिका के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है, जिससे अब उसका वोटिंग अधिकार सुरक्षित हो गया है। इस नियम के अनुसार यदि कोई देश पिछले दो वर्षों के कुल देय अंशदान से अधिक राशि बकाया रखता है, तो महासभा में उसके मतदान करने का अधिकार समाप्त किया जा सकता है।
ज्ञात हो कि वैश्विक संस्था के बजट में अमेरिका सबसे प्रमुख और सबसे बड़ा अंशदाता देश है। हालांकि, अमेरिकी नेतृत्व ने पूर्व में वैश्विक निकाय की कार्यशैली पर आपत्ति जताते हुए स्वैच्छिक आर्थिक मदद में कटौती की है और संकेत दिए हैं कि आगे के फंड सुधारों की दिशा पर निर्भर करेंगे।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े वित्तीय योगदानकर्ता चीन ने भी इसी महीने की पहली तारीख को नियमित बजट के लिए 64.14 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था।
















