मस्कट, 18 सितंबर।
लाल सागर में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राजनयिकों ने ओमान की राजधानी मस्कट स्थित अमेरिकी दूतावास में हूती प्रतिनिधियों के साथ एक गुप्त बैठक की है। इस उच्चस्तरीय संपर्क का मुख्य उद्देश्य मई 2025 में हुए युद्धविराम को कायम रखना और रणनीतिक रूप से बेहद अहम बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को नौवहन के लिए पूरी तरह सुरक्षित व खुला रखना था। ओमान सरकार के सहयोग से संपन्न हुई इस वार्ता का मकसद यमन संकट में सीधे सैन्य हस्तक्षेप से बचते हुए लाल सागर के व्यापारिक मार्ग को निर्बाध बनाए रखना है।
बैठक के दौरान अमेरिकी दूतावास के राजनयिक प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। चर्चा के सिलसिले में हूती पक्ष ने स्पष्ट किया कि वे मई 2025 के समझौते के तहत युद्धविराम को आगे भी जारी रखना चाहते हैं और उनका ताजा सैन्य अभियान केवल सऊदी जहाजों तक ही सीमित है। साथ ही, उन्होंने अन्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए इस जलडमरूमध्य से आवाजाही की पूरी स्वतंत्रता बनाए रखने का भरोसा भी दिलाया है। हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने इस बैठक पर आधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने से इनकार किया है, लेकिन विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता और आतंकवाद पर लगाम लगाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस कूटनीतिक पहल के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी मीडिया से मुखातिब होते हुए स्वीकार किया कि प्रशासन इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हूतियों के साथ सीधे संपर्क में बना हुआ है। इसके साथ ही, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अल-बुसैदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय तनाव को थामने के उपायों पर विचार-विमर्श किया है।
दूसरी ओर, यमन की जमीनी हकीकत पर नजर डालें तो हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष लगातार उग्र होता जा रहा है। हूतियों द्वारा सऊदी शहरों और पवित्र स्थलों की ओर ड्रोन व मिसाइल हमले किए जा रहे हैं, जिसके जवाब में रियाद ने भी यमन के भीतर अपने हवाई हमलों में तेजी ला दी है। चूंकि बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के तटीय इलाकों पर आज भी विद्रोहियों का दबदबा है, इसलिए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के इस प्रमुख मार्ग को सुरक्षित रखना अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। ओमान इस नाजुक मोड़ पर दोनों पक्षों के बीच एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
















