वॉशिंगटन, 18 सितंबर।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन उनकी राय में तेहरान अभी इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने हितों के अनुरूप समझौता करेगा, अन्यथा कोई समझौता नहीं होगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान उनकी खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों के नेताओं से मुलाकात होने की उम्मीद है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि बी-2 बमवर्षकों के इस्तेमाल से किए गए अमेरिकी हमलों ने ईरान की परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता को खत्म कर दिया। उनका कहना है कि अगर अमेरिकी कार्रवाई नहीं हुई होती तो अब तक ईरान के पास परमाणु हथियार होता।
ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति को भी बेहद कमजोर बताया। उन्होंने 300 प्रतिशत से अधिक महंगाई का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वहां सैन्य और पुलिसकर्मियों को वेतन नहीं मिल रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा करते हुए ट्रंप ने कहा कि अंततः अमेरिका की जीत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह जीत किसी समझौते के जरिए हासिल होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनके अनुसार अमेरिका पहले से ही बढ़त में है।
दूसरी ओर, पेंटागन के पूर्व अधिकारी ब्रेंट सैडलर ने अनुमान जताया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध नवंबर तक समाप्त हो सकता है। उनके अनुसार, ईरान पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और आर्थिक दबाव का असर दिखाई दे रहा है।
सैडलर ने कहा कि वित्तीय और मौद्रिक स्थिति से जुड़े आंकड़े इसी दिशा में संकेत कर रहे हैं। उनके अनुसार, संघर्ष साल के अंत से पहले या नवंबर में होने वाले चुनाव के समय समाप्त हो सकता है।
सैडलर ने अपने अनुमान के पीछे अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और आर्थिक दबाव को प्रमुख कारण बताया है।
















