रियाद, 19 सितंबर।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार तड़के पहली बार हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई। यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार समर्थक बलों के बीच संघर्ष फिर तेज होने के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। तड़के शहर के कई इलाकों में लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई। चेतावनी के कुछ देर बाद दो धमाकों की आवाज सुनाई दी।
रात करीब तीन बजे रियाद के लोगों को संदेश भेजकर बताया गया कि क्षेत्र में हवाई खतरा मौजूद है। करीब आधे घंटे बाद सऊदी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने चेतावनी समाप्त कर दी। राजधानी के निवासियों ने बताया कि अलार्म सुनाई देने के बाद खिड़कियां तक हिलने लगीं और कुछ समय तक लोगों में डर का माहौल बना रहा।
यमन में हूती संगठन ने इस महीने तेजी से सैन्य अभियान चलाते हुए कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार सऊदी अरब के समर्थन से हूती बढ़त को रोकने की कोशिश कर रही है। सऊदी अरब ने हूती नियंत्रण वाले इलाकों में कई हवाई हमले किए हैं, फिर भी संगठन की बढ़त पर रोक नहीं लग सकी है।
रियाद में हवाई चेतावनी ऐसे समय जारी हुई है, जब कुछ दिन पहले सऊदी अरब ने हूती पर मक्का को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। हूती ने इस आरोप को खारिज करते हुए इसे झूठ बताया है। संगठन ने अपने अभियान के बाद सऊदी अरब की ओर से लगातार जवाबी हमले किए जाने की बात कही है।
यमन में संघर्ष के कारण मानवीय संकट भी बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हालिया लड़ाई के कारण एक लाख 12 हजार से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं और करीब तीन हजार लोग समुद्र पार कर जिबूती पहुंचे हैं। यमन का युद्ध वर्ष 2014 में शुरू हुआ था, जब हूती ने राजधानी सना समेत कई क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया था।
यमन के लाल सागर तट के बड़े हिस्से पर हूती नियंत्रण बढ़ने से बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी है। समुद्री निगरानी से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के बाद इस मार्ग से सऊदी अरब के तेल निर्यात में कमी आई है। हाल के सप्ताह में पांच तेल लदे जहाज इस मार्ग से गुजर चुके हैं।
















