तेहरान/वाशिंगटन, 21 सितंबर।
ईरान ने अमेरिकी सेना द्वारा संभावित सैन्य आक्रमण की आशंका जताते हुए कड़े तेवर दिखाए हैं और यह चेतावनी दी है कि यदि वाशिंगटन ने कोई दुस्साहस किया तो उसे मुंहतोड़ और करारा जवाब दिया जाएगा। दूसरी ओर, यमन के अंदरूनी हिस्सों में सशस्त्र संघर्ष और अधिक भीषण हो गया है, जबकि कूटनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प न्यूयॉर्क में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए हामी भर सकते हैं। ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के शीर्ष सैन्य कमांड ने स्पष्ट शब्दों में चेताया है कि यदि अमेरिका या मध्य पूर्व में उसके सहयोगी किसी प्रकार की गलती करते हैं, तो उन्हें गंभीर और विनाशकारी अंजाम भुगतने होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस पूरे भू-राजनीतिक संकट को लेकर अपने सामने केवल तीन ही विकल्प होने की बात कही है, जिनमें पहला ईरान को पूरी तरह तहस-नहस करना, दूसरा उसकी अर्थव्यवस्था को तबाह करना और तीसरा तेहरान के साथ कोई व्यावहारिक समझौता करना शामिल है। इस बयान के जवाब में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र को एक ऐसी व्यवस्था की दरकार है जहां हर देश की संप्रभुता का पूरा सम्मान हो और कोई भी राष्ट्र किसी दूसरे के लिए खतरा न बने।
इसी दौरान यमन के अल-जौफ क्षेत्र में हिंसक झड़पों के बीच चार लोगों के मारे जाने की दुखद सूचना सामने आई है। इस प्रांत में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सैन्य बलों के बीच आर-पार की लड़ाई छिड़ी हुई है। सरकारी सैनिक उत्तर तथा पश्चिमी हिस्सों में स्थित कई मोर्चों पर आक्रामक सैन्य अभियान चला रहे हैं, जिनमें पश्चिमी तट का इलाका सबसे अधिक संवेदनशील बना हुआ है। ताइज के पश्चिमी ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर लाहज तक फैली पर्वतमालाओं के साथ-साथ दोनों पक्षों के बीच तीव्र संघर्ष जारी है, हालांकि अंदरूनी मोर्चों पर फिलहाल किसी भी दल को कोई निर्णायक बढ़त हासिल नहीं हो पाई है।
उधर, हूती आंदोलन के आधिकारिक प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया है कि बीते चौबीस घंटों के दौरान सऊदी वायु सेना ने यमन भर में अट्ठाइस हवाई हमले किए हैं। सरी के अनुसार इन हमलों में मुख्य रूप से ताइज, अल-जौफ और मारिब के क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है, और जब से तनाव में वृद्धि हुई है तब से सऊदी नीत गठबंधन कुल सात सौ साठ से अधिक हवाई हमले अंजाम दे चुका है।
इस बीच, अमेरिकी रिपब्लिकन रणनीतिकार और व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के पूर्व पदाधिकारी मार्क फिफल का मानना है कि कतर और पाकिस्तान के राजनयिक प्रयासों के अलावा चीन भी तेहरान तथा वाशिंगटन के बीच संवाद की बहाली में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी सप्ताहों में राष्ट्रपति ट्रम्प और चीनी समकक्ष शी जिनपिंग की होने वाली वार्ता खाफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जिसके तहत संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने अमेरिका पहुंच रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से ट्रम्प की मुलाकात संभव हो सकती है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के मद्देनजर अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने काहिरा की एक त्वरित यात्रा के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से विशेष मंत्रणा की। मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय ने साझा किया कि इस उच्चस्तरीय बैठक में मिस्र के खुफिया प्रमुख हसन रशाद भी उपस्थित रहे, जहाँ ईरान, गाजा पट्टी, सूडान के संघर्षों के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र और समुद्री सुरक्षा पर मंडराते खतरों को लेकर विस्तृत विमर्श हुआ।
इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार को अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए संघर्ष वाले क्षेत्रों की यात्रा करने से बचने की सख्त हिदायत दी थी। विभाग ने स्पष्ट किया था कि सऊदी अरब और यमन के हूती गुटों के बीच जारी सैन्य टकराव के बहुत तेजी से गंभीर रूप अख्तियार करने की आशंका बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि सीआईए प्रमुख रैटक्लिफ की यह काहिरा यात्रा, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मिस्र के राष्ट्रपति सीसी से हुई मुलाकात के कुछ ही दिनों के अंतराल पर संपन्न हुई है, जिसमें दोनों शीर्ष नेताओं ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री नौवहन सुनिश्चित करने का पुरजोर आह्वान किया था।
















