ढाका, 21 सितंबर।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका से सटे अशुलिया के जमगोरा औद्योगिक क्षेत्र में रविवार शाम एक बड़ा हादसा पेश आया, जब एक कवर्ड वाहन के भीतर एलपीजी सिलेंडरों में भीषण धमाके हो गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल छह बेकसूर लोगों की जान चली गई और लगभग बीस अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। विस्फोटों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एक उड़ता हुआ सिलेंडर घटनास्थल से करीब दो सौ गज की दूरी पर जा गिरा, जिसकी चपेट में आने से एक दुकान में मौजूद महिला की तत्काल मौत हो गई। इन सिलसिलेवार धमाकों की वजह से पास ही स्थित एक गार्मेट्स फैक्ट्री भी आग की भयंकर लपटों की गिरफ्त में आ गई।
स्थानीय मीडिया सूत्रों के मुताबिक, यह खौफनाक आगजनी शाम करीब पौने सात बजे भड़की, जिसने जमगोरा इलाके में खड़ी पांच से छह अन्य गाड़ियों को भी पूरी तरह जलाकर राख कर दिया। अशुलिया पुलिस थाना अधिकारियों ने बीती देर रात जानकारी दी कि आग पर काबू पाने के बाद जब इलाके की सघन छानबीन की गई, तो रात सवा ग्यारह बजे के आसपास उस जले हुए कवर्ड वाहन के अंदर से पांच लोगों के शव बरामद किए गए। हालांकि, मृतकों की पहचान स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला की शिनाख्त पचपन वर्षीय जैनब के तौर पर हुई है, जो गाजीपुर के काशिमपुर निवासी मोहम्मद अली की धर्मपत्नी थीं। मृतका जैनब अपनी बेटी संजीदा अख्तर से मिलने के लिए वहां आई हुई थीं, जो दुर्घटना स्थल से लगभग दो सौ गज दूर एक दर्जी की दुकान पर काम करती हैं।
घटना के वक्त जैनब दुकान के भीतर ही मौजूद थीं कि अचानक एक सिलेंडर दुकान की टीन की छत को चीरता हुआ सीधे उनके सिर पर आ गिरा, जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह त्रासदी जमगोरा स्थित प्रीटी ग्रुप से जुड़े इंडस्ट्रियल ज़ोन में घटी। डीईपीजेड फायर सर्विस के वरिष्ठ गोदाम निरीक्षक सोमेन बरुआ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि आग तब लगी जब फैक्ट्री के इस्तेमाल के वास्ते लाए जा रहे सिलेंडरों को एक बंद वाहन से नीचे उतारा जा रहा था।
उधर, अशुलिया महिला एवं बाल अस्पताल के प्रबंधक हारून-उर-रशीद ने मीडिया को बताया कि हादसे के बाद कुल छब्बीस घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि इन घायलों में अधिकांश लोग फैक्ट्री के आसपास सब्जी बेचने वाले छोटे दुकानदार और राह चलते आम नागरिक थे। इनमें से दो अत्यधिक झुलसे हुए मरीजों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें फौरन बेहतर चिकित्सा के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
















