काठमांडू, 22 सितंबर।
नेपाल सरकार ने रसुवा जिले के भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित हुए नागरिकों के पुनर्वास और अस्थायी आवास की व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इस राहत अभियान के तहत बुनियादी ढांचा विकास मंत्रालय और भूमि व्यवस्था, सहकारी एवं सामान्य प्रशासन मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं, जिसमें स्थानीय निकायों का पूरा सहयोग मिल रहा है। भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसमें विभिन्न विभागों के महानिदेशक और प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख शामिल हैं ताकि जमीनी स्तर पर जरूरतमंदों का सटीक डेटा जुटाया जा सके।
मंत्रिपरिषद के फैसले के मुताबिक, जो बाढ़ पीड़ित परिवार खुद किराए के मकान में रहना चाहते हैं, उन्हें चार सदस्यों तक के परिवार के लिए प्रति माह 15,000 नेपाली रुपये दिए जाएंगे, जबकि चार से अधिक सदस्य होने पर हर अतिरिक्त सदस्य पर 2,000 रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इसके अलावा, जिन परिवारों के पास खुद की सुरक्षित जमीन है, वहां सरकार मॉड्यूलर घर तैयार करेगी और जिनके पास जमीन नहीं है, उन्हें जमीन उपलब्ध कराकर घर बसाए जाएंगे। सर्वेक्षण के अनुसार 60 प्रतिशत लोग किराए का विकल्प चुन रहे हैं, जबकि बाकी लोग अपनी जमीन पर या नए विकसित होने वाले आधुनिक शहर में बसने के इच्छुक हैं।
















