न्यूयार्क, 22 सितंबर।
अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक बड़े दावे में कहा है कि आने वाली 23 सितंबर से ईरान से जुड़ी तमाम एयरलाइंस पूरी तरह से बंद कर दी जाएंगी। उनका कहना है कि इस पाबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए वाशिंगटन ने यह रणनीति बनाई है कि यदि कोई भी देश या विमानन सेवा ईरानी विमानों को ईंधन, लैंडिंग सुविधाएं या टिकट बिक्री जैसी सेवाएं मुहैया कराएगा, तो उसे वैश्विक डॉलर प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन ईरान पर शिकंजा कसने के लिए उसके मददगार वित्तीय संस्थानों पर भी कड़े प्रतिबंध लगा रहा है, जिसकी मिसाल हाल ही में रूस के वीटीबी बैंक पर की गई कार्रवाई से मिलती है।
इस भू-राजनीतिक हलचल के बीच ब्रिटेन ने भी बड़ा कदम उठाते हुए सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य सहयोग देने का फैसला किया है, जिसके तहत रॉयल एयर फोर्स सऊदी विमानों को हवा में ही ईंधन (एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग) उपलब्ध कराएगी। उधर, लाल सागर के पेरिम द्वीप पर हूती विद्रोहियों के कब्जे के बाद से बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे दो अत्यंत संवेदनशील तेल मार्ग सीधे तौर पर खतरे की जद में आ गए हैं, जो वैश्विक तेल आपूर्ति और विशेष रूप से सऊदी अरब के निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माने जाते हैं।
















