न्यूयॉर्क, 22 सितंबर।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक विभाजन, असमानता और संघर्षों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया में मौजूद दरारें अब खाइयों में बदलती जा रही हैं और इसका असर अंतरराष्ट्रीय शांति, विकास तथा मानवाधिकारों पर पड़ रहा है।
अपने वार्षिक संबोधन में गुटेरेस ने कहा कि वैश्विक शक्ति व्यवस्था तेजी से बदल रही है। ऐसे समय में दुनिया को प्रतिद्वंद्वी गुटों में बंटने के बजाय साझा नियमों और सहयोग पर आधारित व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने मध्य पूर्व, यूक्रेन, सूडान और म्यांमार में जारी संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि संघर्ष विराम के बावजूद आम नागरिकों की पीड़ा समाप्त नहीं हुई है। गाजा के संदर्भ में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने पश्चिमी तट में इजराइली बस्तियों के विस्तार को दो-राष्ट्र समाधान के लिए गंभीर खतरा बताया।
गुटेरेस ने रूस के यूक्रेन पर हमले को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए दुनिया को कमजोर नहीं, बल्कि अधिक सक्षम और मजबूत संयुक्त राष्ट्र की जरूरत है।
उन्होंने वैश्विक असमानता को सत्ता और अवसरों के असंतुलन से जोड़ते हुए विकासशील देशों के लिए कर्ज राहत और बेहतर वित्तीय व्यवस्था की वकालत की। उनका कहना था कि शक्ति का इस्तेमाल दूसरों पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए बेहतर भविष्य बनाने में होना चाहिए।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव पर भी गुटेरेस ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जवाबदेही और निगरानी के बिना तकनीक खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने स्वायत्त घातक हथियारों के खिलाफ चेतावनी देते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए स्वतंत्र निगरानी वाले वैश्विक ढांचे की जरूरत बताई।
















