न्यूयॉर्क, 23 सितंबर।
अमेरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इस बात का खुलासा किया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ करीब तीन घंटे लंबी द्विपक्षीय चर्चा की है, और बहुत जल्द एक और नई बैठक आयोजित की जाएगी। दूत विटकॉफ ने भी इस मुलाकात को सकारात्मक बताया है। स्मरण रहे कि इसी वर्ष जून माह में स्विट्जरलैंड के भीतर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मौजूदगी में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ एक सहमति पत्र को लेकर पहली बैठक संपन्न हुई थी।
विभिन्न विश्वस्त माध्यमों से मिली जानकारियों के अनुसार, ईरानी पक्ष ने इस बात की पुष्टि की है कि विटकॉफ के साथ हुई इस उच्चस्तरीय वार्ता में उनके विदेश मंत्री अब्बास अरागची भी शरीक हुए थे, जबकि कतरी राजनयिकों ने इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। ईरान के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि अमेरिका आर्थिक और सैन्य दबाव को कम करने पर रजामंदी जता दे, तो तेहरान मात्र एक सप्ताह के भीतर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा यातायात के लिए खोलने को तैयार है।
गौरतलब है कि इससे पहले तेहरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के एवज में सात कड़े प्रतिबंधात्मक विकल्प रखे गए थे, जिसमें तमाम मोर्चों पर अमेरिकी सैन्य अभियानों पर पूर्ण विराम लगाना और ईरान के विरुद्ध जारी हर प्रकार की आक्रामक कार्रवाइयों को रोकना मुख्य रूप से शामिल था।
इस बीच, एक ईरानी अधिकारी ने संवाद माध्यमों को जानकारी दी कि उनका यह ताजा रुख पुरानी शर्तों में कुछ नरमी बरतने की ओर इशारा करता है, और इस बदलाव को देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई तथा सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की तरफ से आधिकारिक रूप से मंजूरी भी मिल चुकी है। हालांकि, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स से जुड़े प्रभावशाली स्थानीय मीडिया घरानों ने इस प्रकार के किसी भी नए रुख को अपनाने से साफ इनकार कर दिया है।
















