नई दिल्ली, 25 मई ।
ताइवान की राजधानी ताइपे में 26 से 28 मई तक आयोजित होने वाले ताइपे कैपिटल कप वर्ल्डस्किल्स इनविटेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए भारतीय दल सोमवार को रवाना हो गया। अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही टीम को केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने शुभकामनाएं देते हुए आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
दल को रवाना करने के दौरान मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी, एनएसडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणकुमार पिल्लई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस प्रतियोगिता को वर्ल्डस्किल्स शंघाई से पहले एक महत्वपूर्ण तैयारी कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
पांच सदस्यीय भारतीय टीम इस अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक और तकनीकी कौशल प्रतियोगिता में लगभग 15 देशों के प्रतिभागियों के साथ मुकाबला करेगी। प्रतियोगिता का उद्देश्य वैश्विक कौशल विकास, तकनीकी दक्षता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कार्यबल नवाचार को प्रोत्साहित करना है, ताकि प्रतिभागियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिल सके।
जयंत चौधरी ने प्रतिभागियों से कहा कि वे इस मंच का उपयोग सीखने और अपनी क्षमता को निखारने के अवसर के रूप में करें। उनके अनुसार ऐसी प्रतियोगिताएं केवल तकनीकी दक्षता को मजबूत नहीं करतीं, बल्कि देश के कौशल तंत्र को भी सशक्त बनाती हैं और युवाओं को भविष्य की वैश्विक संभावनाओं के लिए तैयार करती हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये आत्मविश्वास बढ़ाने, सोच का दायरा विस्तृत करने और जीवनभर के अनुभव देने का अवसर भी बनते हैं।
भारत इस प्रतियोगिता में पांच प्रमुख कौशल श्रेणियों में हिस्सा लेगा। अर्जुन सुमथि विजयभास्कर मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट, मोहम्मद मफाज़ पूनैकन्नन रबी अहमद सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन डेवलपमेंट, मुस्कान पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग, मोहम्मद सिराज ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी और सुरेश कुमार गणेशन मीना डिजिटल कंस्ट्रक्शन में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। टीम में इंडिया स्किल्स नेशनल प्रतियोगिता 2025-26 के स्वर्ण पदक विजेता और वाइल्डकार्ड एंट्री से चयनित प्रतिभागी शामिल हैं।
इस वर्ष प्रतियोगिता में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े 10 प्रमुख कौशल क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, आईटी नेटवर्क सिस्टम्स एडमिनिस्ट्रेशन, मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट, इंडस्ट्री 4.0, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी और डिजिटल कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्र प्रमुख रहेंगे।




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