दिल्ली उच्च न्यायालय ने आनंद विहार बस टर्मिनल के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास को लेकर एक विशेष टास्क फोर्स के गठन का निर्देश दिया है। न्यायालय ने संबंधित विभागों को इस पूरे प्रोजेक्ट का विस्तृत खाका 26 मई तक प्रस्तुत करने को कहा है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया है कि टर्मिनल परिसर में अवैध वेंडिंग पर सख्ती से रोक लगाई जाए और इसके लिए पुलिस आवश्यक कदम उठाए। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर व्यवस्था सुधार और यात्री सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
गठित टास्क फोर्स में विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे, जो पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण की योजना पर मिलकर काम करेंगे। इस कार्यबल की पहली बैठक 20 मई को आयोजित की जाएगी।
न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आनंद विहार टर्मिनल जैसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।





.jpg)



