नई दिल्ली, 16 मई।
डेटिंग ऐप टिंडर के जरिए लोगों को झांसे में लेकर फर्जी पुलिस कार्रवाई दिखाकर वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में नजफगढ़ निवासी सुशील कुमार, सोनीपत निवासी दीपक उर्फ साजन, उत्तम नगर निवासी विनोद पंडित और तिलक नगर निवासी नीरज त्यागी उर्फ धीरू शामिल हैं। वहीं गगन और पूजा उर्फ कीर्ति नाम के दो आरोपी अभी फरार हैं।
क्राइम ब्रांच के अनुसार यह गिरोह सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को जाल में फंसाता था। इसके बाद युवकों को मिलने के बहाने सुनसान जगह या किराए के फ्लैट में बुलाया जाता था, जहां पहले से मौजूद साथी खुद को पुलिसकर्मी बताकर फर्जी छापा डालते थे और रेप केस में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग करते थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम ने 12 मई को राजौरी गार्डन इलाके में जाल बिछाया। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोका गया, जहां से सुशील कुमार को पीड़ित के साथ गिरफ्तार किया गया। वह उस समय फर्जी पुलिस वर्दी में था, जबकि उसके तीन साथी मौके से फरार हो गए।
पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के नाम उजागर किए, जिसके बाद पुलिस ने बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि दीपक उर्फ साजन डेटिंग ऐप पर ‘कीर्ति’ नाम से फर्जी प्रोफाइल चलाता था और युवकों से चैट कर उन्हें मिलने के लिए बुलाता था।
पीड़ित के अनुसार, उसे टिंडर पर ‘कीर्ति’ नाम की युवती से संपर्क हुआ था, जिसने उसे जनकपुरी के पास बुलाया और बाद में एक फ्लैट में ले गई। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे फर्जी रेप केस में फंसाने की धमकी दी और 15 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद उसे कार में बैठाकर घंटों तक घुमाया गया और एटीएम से पैसे निकालने का दबाव बनाया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी पहले भी इसी तरह के मामलों में शामिल रह चुके हैं, जबकि सुशील कुमार का नाम 2017 के एक समान मामले में भी आ चुका है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों की जांच में जुटी है।










