वॉशिंगटन डीसी, 27 अप्रैल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक दूरदर्शन साक्षात्कार के दौरान एक महिला पत्रकार के प्रश्न पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भड़क उठे। यह पूरा विवाद हिल्टन होटल में हुई गोलीबारी की घटना और आरोपी कोल टॉमस एलन द्वारा भेजे गए कथित संदेश से जुड़ा बताया जा रहा है।
साक्षात्कार के दौरान पत्रकार नोरा ओ डोनल ने आरोपी के बयान का उल्लेख करते हुए प्रश्न किया, जिसके बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। चर्चा में आए आरोपी ने घटना से कुछ समय पहले अपने परिवार को एक लिखित संदेश भेजा था, जिसमें कुछ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था, हालांकि उसमें किसी व्यक्ति का स्पष्ट नाम नहीं लिया गया था। इसी संदर्भ में ट्रम्प से सवाल किया गया कि क्या ये आरोप उन्हीं की ओर इशारा करते हैं।
इस पर राष्ट्रपति ट्रम्प ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे किसी भी अपराध में शामिल नहीं हैं और उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें पहले ही पूरी तरह निर्दोष घोषित किया जा चुका है। ट्रम्प ने पत्रकार पर आरोप लगाया कि उसने बिना जांच के आरोपी के शब्दों को प्रस्तुत किया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। वहीं पत्रकार ने स्पष्ट किया कि प्रस्तुत बयान उनके अपने शब्द नहीं थे, बल्कि आरोपी द्वारा लिखित सामग्री का हिस्सा था। इस पर ट्रम्प ने ऐसे प्रसारण को अनुचित बताते हुए कहा कि इससे गलत धारणा बनती है।
इंटरव्यू के दौरान ट्रम्प ने गोलीबारी की घटना पर भी टिप्पणी की और कहा कि शुरुआत में उन्हें स्थिति की गंभीरता का अनुमान नहीं था। उन्होंने बताया कि घटना के समय सुरक्षा दल ने उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की और बाद में उन्हें नीचे झुककर सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया गया।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं और यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के लिए विपक्षी नेताओं की भाषा को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस तरह की बयानबाजी समाज के लिए अत्यंत खतरनाक है। आरोपी द्वारा छोड़े गए संदेश में यह भी संकेत था कि वह कुछ सरकारी नेताओं को निशाना बनाना चाहता था, लेकिन सुरक्षा बलों ने समय रहते उसे रोक लिया। इस घटना के बाद एक बार फिर राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले ने अमेरिका में राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को फिर से उजागर किया है।













