जबलपुर, 25 मई ।
अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार कानूनी और जांच एजेंसियों के स्तर पर तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है, जिसमें सोमवार को कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं।
जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
यह नोटिस ट्विशा शर्मा के पिता और राज्य सरकार की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जारी किया गया, जिसमें अग्रिम जमानत को निरस्त करने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि संबंधित आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं और बार-बार नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं हो रही हैं।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, इसलिए जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाए।
इधर, भोपाल की जिला अदालत में भी अग्रिम जमानत निरस्त करने के मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन पुलिस रिपोर्ट समय पर पेश न होने के कारण इसे अगले दिन के लिए टाल दिया गया।
मामले में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम की एंट्री भी हो गई है, जो दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना हो चुकी है और जल्द ही जांच का औपचारिक प्रभार संभालेगी।
जांच के तहत पुलिस लगातार आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके बयानों की तकनीकी एवं साक्ष्य आधारित जांच की जा रही है।
पुलिस बैंक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और फरार अवधि में मिले सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ी को जोड़ा जा सके।
गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं, जहां एक पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे हत्या का मामला मान रहा है।






.jpg)


.jpg)





