गुजरात, 25 मार्च 2026।
उत्तराखंड के बाद गुजरात ने बुधवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल पारित कर देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मौके पर खुशी जताई और कहा कि देश में हर नागरिक के लिए समान कानून लागू होना भाजपा की स्थापना से ही संकल्प रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा की राज्य सरकारें इस दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और विधायकों को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए बधाई दी।
गृह मंत्री ने अपने संदेश में दोहराया कि देश तुष्टीकरण के आधार पर नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून से चले, यह हमारी प्राथमिकता और संकल्प दोनों है। उन्होंने कहा कि गुजरात ने उत्तराखंड के बाद इस दिशा में अपना योगदान देकर इतिहास रचा है।
गुजरात विधानसभा में सात घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद इस बिल को पारित किया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सदन में इस विधेयक को पेश किया था। इस कानून के लागू होने के बाद गुजरात देश का दूसरा राज्य बन गया है, जिसने यूसीसी को अपनाया है। उत्तराखंड पहला राज्य था, जिसने फरवरी 2024 में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया था।
‘गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड, 2026’ पूरे राज्य में लागू होगा, लेकिन इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जनजातियों और उन समुदायों पर यह कोड लागू नहीं होगा जिनके पारंपरिक अधिकार संविधान के तहत सुरक्षित हैं।













.jpg)