वाराणसी, 28 मार्च।
केंद्र और राज्य सरकार ने वाराणसी शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए नगर निगम के साथ मिलकर पूरी ताकत लगा दी है। अमृत-2.0 योजना के तहत नगर निगम के 18 अति-प्रभावित वार्डों और विस्तारित क्षेत्रों में सीवर और पेयजल की तीन बड़ी परियोजनाओं के लिए 259 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं रख सकते हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश शासन ने प्रथम किश्त जारी कर दी है और नगर निगम ने टेंडर की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
रामनगर और सूजाबाद के नवविस्तारित क्षेत्रों में सीवर और पाइपलाइन का जाल बिछाने का कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है। रामनगर जोन में सीवर नेटवर्क और हर घर को सीवर कनेक्शन से जोड़ने के लिए शासन ने 190 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यहां तीनों वार्डों में 69.98 किमी ब्रांच लाइन और 3.4 किमी राइजिंग मेन लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही 10 एमएलडी की एसटीपी और दो सीवर पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
सूजाबाद जोन में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के विस्तार के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये की योजना को हरी झंडी मिली है। इस योजना के तहत 13,645 घरों में सीवर का कनेक्शन मुफ्त प्रदान किया जाएगा।
नगर निगम ने बताया कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य पुराने शहर के उन हिस्सों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है, जहां समस्याएं अधिक थीं। शासन के संयुक्त सचिव देवेश मिश्र के अनुसार वाराणसी के विकास के लिए संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 200 साल पुरानी सीवर और पेयजल पाइपलाइन होने के कारण ओवरफ्लो और 48 प्रतिशत पानी की लाइनलॉस जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। नई पाइपलाइन बिछाने से लाइनलॉस पर नियंत्रण और पेयजल आपूर्ति का प्रेशर बढ़ाने की उम्मीद है।
रामनगर सीवर नेटवर्क के लिए 190.09 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, 35.09 करोड़ रुपये जारी। सूजाबाद पेयजल योजना के लिए 34.77 करोड़ रुपये स्वीकृत, 6.42 करोड़ रुपये जारी। 18 प्रभावित वार्डों में 33.44 करोड़ रुपये की स्वीकृति, 6.18 करोड़ रुपये जारी की गई है।












