चेन्नई, 09 मई।
तमिलनाडु की राजनीति में पिछले कई दिनों से जारी सियासी अनिश्चितता आखिरकार खत्म हो गई है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम को सरकार गठन के लिए जरूरी समर्थन मिल गया है। विदुथलाई चिरुथिगल काची ने शनिवार को बिना किसी शर्त समर्थन देने का एलान किया, जिसके बाद विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेट्री कझगम ने 108 सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था। पहली बार चुनाव लड़ रही पार्टी के लिए इसे ऐतिहासिक प्रदर्शन माना गया। 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी था और पार्टी कुछ सीटों से बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी।
चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने सबसे पहले अपने पांच विधायकों का समर्थन विजय को देने की घोषणा की। इसके बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी अपने-अपने दो विधायकों का समर्थन दिया। इन सहयोगों के बाद टीवीके के समर्थन में कुल संख्या 117 तक पहुंच गई थी।
इसके बाद राज्य की निगाहें वीसीके के फैसले पर टिक गई थीं। शनिवार शाम आयोजित अहम बैठक में पार्टी ने विजय को बिना शर्त समर्थन देने का निर्णय लिया। वीसीके के दो विधायकों के समर्थन के बाद बहुमत का आंकड़ा पूरा हो गया और टीवीके के पक्ष में संख्या 118 तक पहुंच गई।
टीवीके नेता अर्जुन ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विजय मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए तैयार हैं और जल्द नई सरकार का गठन किया जाएगा।
इसी बीच एक और राजनीतिक मोड़ तब आया, जब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने पहले समर्थन देने से इनकार किया, लेकिन बाद में विजय के पक्ष में समर्थन दे दिया। राजनीतिक हलकों में इसे सरकार गठन की दिशा में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को 10 मई तक बहुमत साबित करने का समय दिया था। बीते दिनों विजय ने कई बार राज्यपाल से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंपे। शुरुआत में बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं हो सका था, लेकिन बाद में सहयोगी दलों के समर्थन से यह संख्या बढ़कर 120 तक पहुंच गई।
अब विजय जल्द ही राज्यपाल से दोबारा मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।



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