नई दिल्ली, 07 अप्रैल।
विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) के पूर्व अध्यक्ष क्रेग रीडी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने उनके निधन की पुष्टि की, हालांकि मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
क्रेग रीडी खेल प्रशासन के क्षेत्र में प्रभावशाली व्यक्तित्व रहे और उन्होंने ओलंपिक आंदोलन तथा डोपिंग के खिलाफ वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। 2013 में वाडा के अध्यक्ष बनने के बाद उनके कार्यकाल में रूस के डोपिंग विवाद ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में काफी चर्चा बटोरी।
रीडी ने 2012 लंदन ओलंपिक की मेजबानी के लिए बोली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 1992 बार्सिलोना ओलंपिक में बैडमिंटन को खेलों में शामिल कराने में भी उनका योगदान सराहनीय रहा।
विश्व एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए ने रीडी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपना मार्गदर्शक और करीबी मित्र बताया। उन्होंने कहा कि रीडी ओलंपिक खेलों के गहन ज्ञान और अनुभव के धनी थे और उन्होंने इसे हमेशा साझा किया।
रीडी का कार्यकाल 2016 रियो ओलंपिक से पहले रूस के राज्य प्रायोजित डोपिंग मामले के कारण चुनौतीपूर्ण रहा। वाडा ने पूरी रूसी टीम को प्रतिबंधित करने की सिफारिश की थी, लेकिन आईओसी और अध्यक्ष थॉमस बाक ने इसका विरोध किया और अंतिम निर्णय खेल महासंघों पर छोड़ दिया गया।
आईओसी की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने रीडी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका योगदान खेलों की स्वच्छता और खिलाड़ियों के विकास में हमेशा याद रखा जाएगा। रीडी को 2006 में नाइट की उपाधि से सम्मानित किया गया और 1994 में आईओसी सदस्य बनाया गया था। 2021 में उन्हें मानद सदस्य घोषित किया गया।
आईओसी ने घोषणा की कि स्विट्जरलैंड के लॉज़ेन मुख्यालय में उनके सम्मान में तीन दिनों तक झंडा आधा झुका रहेगा।


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