नई दिल्ली, 14 मई।
चुनाव आयोग ने देश के उन्नीस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत करोड़ों मतदाताओं के नामों का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया तीसरे चरण में संचालित की जा रही है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।
आयोग के अनुसार इस चरण में लगभग छत्तीस करोड़ से अधिक मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। यह अभियान तीस मई से तेईस दिसंबर तक विभिन्न राज्यों में अलग-अलग समय सारणी के अनुसार चलाया जाएगा। इस दौरान हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड और दिल्ली सहित कई प्रमुख राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
इस कार्य के लिए बड़ी संख्या में बूथ स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनकी संख्या लगभग तीन लाख चौरानवे हजार बताई गई है। साथ ही राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त लगभग तीन लाख बयालीस हजार बूथ स्तरीय एजेंट भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा ताकि सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे और सभी योग्य मतदाताओं का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। आयोग ने बताया कि यह कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और राज्यों के अनुसार अलग-अलग समय पर संपन्न होगा।
आयोग के अनुसार इस चरण के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जबकि इन क्षेत्रों में मौसम और प्रशासनिक कारणों से कार्यक्रम बाद में तय किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार जिन राज्यों में यह अभियान चल रहा है, उनमें कुछ में आगामी वर्षों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि अन्य राज्यों में चुनाव दो हजार अट्ठाईस और दो हजार उनतीस में प्रस्तावित हैं।








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