भोपाल, 28 अप्रैल
यह मामला दिसंबर 2025 में सामने आया था, जब जिनसी क्षेत्र स्थित स्लॉटर हाउस से 26.5 टन मांस से भरा कंटेनर पकड़ा गया था, जिसके बाद जांच में नमूने परीक्षण हेतु भेजे गए और मथुरा लैब की रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि बताई गई थी।
जनवरी 2026 में पुलिस ने स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा और ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद दोनों करीब 70 दिन तक जेल में रहे और बाद में सेशन कोर्ट से जमानत मिलने पर असलम रिहा हुआ था, लेकिन जहांगीराबाद पुलिस ने उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाकर फिर से गिरफ्तार कर लिया था।
अब हाईकोर्ट समिति द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की पुष्टि नहीं किए जाने के बाद उसे जेल से रिहा कर दिया गया है, जिससे पूरे मामले में नई बहस शुरू हो गई है और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं।
इसी बीच कुछ रिपोर्ट्स में साक्ष्यों को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि सैंपल खराब हो गए थे और सीसीटीवी फुटेज में भैंस दिखाई दे रही है, जबकि लैब रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि दर्ज है।
फिलहाल यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और आगामी सुनवाई में साक्ष्यों की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।












