बेवर्ली हिल्स, 06 मई।
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो ने मंगलवार को विश्व कप 2026 के टिकटों की बढ़ती कीमतों का बचाव करते हुए कहा कि वैश्विक फुटबॉल संस्था को अमेरिकी कानूनों के तहत काम करना पड़ता है, जिनमें टिकटों को मूल मूल्य से कई गुना अधिक पर पुनः बिक्री की अनुमति है।
विश्व कप टिकटों की कीमतों को लेकर फीफा पर लगातार आलोचना हो रही है। प्रशंसक संगठन ‘फुटबॉल सपोर्टर्स यूरोप’ ने इस मूल्य निर्धारण को अत्यधिक और विश्वासघात जैसा बताया है। इस संगठन ने मार्च में यूरोपीय आयोग के समक्ष फीफा के खिलाफ अत्यधिक टिकट कीमतों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
फीफा के आधिकारिक पुनर्विक्रय मंच पर पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क में 19 जुलाई को होने वाले फाइनल मुकाबले के चार टिकटों की कीमत प्रति टिकट 20 लाख डॉलर से अधिक बताई गई थी।
मिल्केन संस्थान के वैश्विक सम्मेलन में बोलते हुए इन्फैंटिनो ने कहा कि इतनी ऊंची कीमतें विश्व कप को लेकर बढ़ती मांग को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कुछ लोग फाइनल टिकट 20 लाख डॉलर में बिक्री के लिए रखते हैं तो इसका अर्थ यह नहीं कि यही उसकी वास्तविक कीमत है और यह भी जरूरी नहीं कि इन्हें खरीदा जाए।
इन्फैंटिनो ने हल्के अंदाज में कहा कि यदि कोई व्यक्ति इतनी बड़ी कीमत पर टिकट खरीदता है तो उसे बेहतर अनुभव देने के लिए वह स्वयं उसे हॉट डॉग और कोक प्रदान करेंगे।
प्रशंसक समूहों ने 2022 कतर विश्व कप और 2026 विश्व कप की टिकट कीमतों के बीच बड़े अंतर पर सवाल उठाए हैं। 2022 में फाइनल टिकट की अधिकतम कीमत लगभग 1600 डॉलर थी, जबकि 2026 में इसकी मूल कीमत लगभग 11 हजार डॉलर तक पहुंच गई है।
इन्फैंटिनो ने इन कीमतों को उचित बताते हुए कहा कि यह बाजार की स्थिति के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में टिकटों की पुनर्विक्रय व्यवस्था वैध है, इसलिए कम कीमत रखने पर बाद में अधिक दाम पर बिक्री संभव है।
उन्होंने बताया कि 2026 विश्व कप के लिए 50 करोड़ से अधिक टिकट आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 2018 और 2022 के लिए यह संख्या कुल मिलाकर 5 करोड़ से कम रही थी।
इन्फैंटिनो ने यह भी कहा कि ग्रुप चरण के लगभग 25 प्रतिशत टिकट 300 डॉलर से कम कीमत में उपलब्ध कराए गए हैं और अमेरिका में कॉलेज खेलों के टिकट भी इससे कम में नहीं मिलते, जबकि यह विश्व कप है।



.jpg)







