बागपत, 13 अप्रैल।
बागपत जिले के चमरावल गांव में प्रस्तावित देशी शराब के ठेके के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन से शराब ठेके को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन में समाजसेवी एडवोकेट सोमेंद्र ढाका और केटी विंग के संस्थापक केटी भैया भी शामिल रहे। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1997 में भी गांव में देशी शराब का ठेका खोला गया था, जिसका सामाजिक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ा था। उस समय भी व्यापक विरोध के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि भविष्य में गांव में शराब का ठेका नहीं खोला जाएगा।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में शराब के सेवन से गांव में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे परिवारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और सामाजिक ताना-बाना कमजोर हुआ है। इसी कारण गांव में एक बार फिर से ठेका खोले जाने को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शराब ठेका रद्द नहीं किया गया तो कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
एडवोकेट सोमेंद्र ढाका ने कहा कि आबकारी नियमों के तहत यदि किसी स्थान पर जनहित और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो ऐसे ठेकों को निरस्त किया जा सकता है। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की।
केटी भैया ने भी जिला प्रशासन से बातचीत कर युवाओं में बढ़ते नशे के दुष्प्रभाव पर चिंता जताई और शराब ठेकों को बंद करने की मांग का समर्थन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं शामिल रहीं।


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