देहरादून, 08 अप्रैल।
बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने में केवल कुछ दिन बचे हैं, लेकिन बदरीनाथ धाम में कई कार्य अधूरे हैं, जिससे मुख्य मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में खतरा पैदा हो गया है।
पत्रकार वार्ता में बुटोला ने बताया कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर चारधाम के कपाट खुलने हैं, लेकिन प्राधिकरण के निर्माण कार्य अभी अधूरे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के निगरानी में चल रहे ड्रीम प्रोजेक्ट में कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा में गंभीर लापरवाही होने का आरोप लगाया।
बुटोला ने बताया कि निर्माण कार्यों के कारण अलकनंदा नदी का प्रवाह बदलकर ब्रह्मकपाल और तत्व कुंड की ओर गया है, जिससे मंदिरों और धार्मिक स्थल को खतरा उत्पन्न हुआ है। लगभग 1.5 किमी तक नदी की चौड़ाई तीन मीटर तक घट गई है, जिससे प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है। उन्होंने मास्टर प्लान की आलोचना करते हुए कहा कि मंदिर परिसर के आसपास की बसायतें खंडहर में बदल दी गई हैं और दर्शन मार्ग का निर्माण आधा-अधूरा है।
विधायक ने देव डोली के पौराणिक मार्ग और पंचधाराओं के संरक्षण की कमी को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने, ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण प्रणाली सुचारू करने, ग्रीन कार्ड अवधि बढ़ाने और यातायात एवं गैस आपूर्ति जैसी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
पत्रकार वार्ता में डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रदीप थपलियाल, मुकेश नेगी, नरेशानंद नौटियाल, पवन नेगी और नैन सिंह भंडारी उपस्थित रहे।


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