नई दिल्ली, 08 अप्रैल 2026।
सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का दौरा किया और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में उड़ान भरकर इसकी लड़ाकू क्षमता, फुर्ती और मिशन के लिए तैयारियों का अनुभव किया। उन्होंने एचएएल के हेलीकॉप्टर हैंगर का भी निरीक्षण किया और वहां चल रहे ऑपरेशन्स तथा उपलब्ध क्षमताओं की जानकारी हासिल की।
इस दौरान जनरल द्विवेदी ने प्रचंड हेलीकॉप्टर की विशेषताओं पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हेलीकॉप्टर दुर्गम इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च प्रदर्शन के लिए डिजाइन किया गया है। इसे कई प्रकार के बड़े बम, बंदूकों और मिसाइलों से लैस किया जा सकता है।
चीन की सीमा पर सुरक्षा की दृष्टि से सेना ने असम के मिसामारी में प्रचंड को तैनात किया है, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा से मात्र 250 किमी दूर है। इसी तरह अरुणाचल प्रदेश में चार एलसीएच तैनात किए गए हैं, जो एलएसी के अग्रिम इलाकों की सुरक्षा और निगरानी में लगे हुए हैं। एचएएल ने सेना को अब तक पांच और वायुसेना को दस हेलीकॉप्टर मुहैया कराए हैं।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एचएएल में एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर 'ध्रुव' और लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) के हैंगर का दौरा भी किया। उन्होंने एचएएल के अधिकारियों से चल रहे ऑपरेशन्स और क्षमताओं के बारे में चर्चा की। इस मौके पर एचएएल के सीएमडी डॉ. डी. के. सुनील, डायरेक्टर (ऑपरेशंस) रवि के और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने सेना की तैयारियों को मजबूत करने में एचएएल के योगदान की सराहना की।







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