नई दिल्ली, 25 मई ।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट कहा कि स्कूलों में छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन और अलग शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण उनकी पढ़ाई किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। अदालत ने केंद्र सरकार को 30 जनवरी के अपने पूर्व आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
न्यायालय ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की प्रगति की निगरानी अब हर तीन माह में की जाएगी और केंद्र सरकार को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि यह व्यवस्था देश की बालिकाओं के हित में अत्यंत आवश्यक है और इसे गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं तथा आवश्यक डेटा एकत्र किया जा रहा है। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार राज्यों का मार्गदर्शन जारी रखे और यह सुनिश्चित करे कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो। मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को निर्धारित की गई है।








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