इंदौर, 28 अप्रैल
यह अत्याधुनिक सौर ऊर्जा परियोजना इंदौर नगर निगम द्वारा भारत सरकार की सीपीएसयू फेस-2 योजना के तहत लगभग 271 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की गई है, जो शहर को कार्बन न्यूट्रल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जनसंपर्क अधिकारी पुष्पेन्द्र वास्कले ने जानकारी दी कि यह संयंत्र ग्राम समराज और आशुखेड़ी में 210.84 एकड़ भूमि पर स्थापित किया गया है तथा इसे आधुनिक डीसीआर तकनीक पर तैयार किया गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
परियोजना की कुल कर रहित लागत 271.16 करोड़ रुपये है, जिसमें लगभग 42 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग और 244 करोड़ रुपये पब्लिक ग्रीन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त किए गए हैं, जिससे इसकी वित्तीय संरचना को मजबूत बनाया गया है।
इस संयंत्र से उत्पादित बिजली का उपयोग जलूद पंपिंग स्टेशन और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशनों के संचालन में किया जाएगा, जिसका वार्षिक अनुमानित उत्पादन लगभग 9.73 करोड़ यूनिट है और इससे नगर निगम को बड़ी आर्थिक बचत होगी।
परियोजना की कमीशनिंग 03 मार्च 2026 को पूरी हो चुकी है और मार्च में 66 लाख यूनिट उत्पादन से लगभग 3.6 करोड़ रुपये की बचत दर्ज की गई है, जबकि भविष्य में मासिक बचत 3 से 4 करोड़ रुपये तक अनुमानित की गई है।
यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ इंदौर को पर्यावरण संरक्षण और कम कार्बन उत्सर्जन की दिशा में एक मजबूत मॉडल शहर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।












