चित्तौड़गढ़, 16 अप्रैल।
शहर की चंदेरिया थाना पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए संदिग्ध बैंक खाते के जरिए चल रहे अपराध नेटवर्क में शामिल एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि उक्त खाते के माध्यम से विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी मामलों से जुड़ा लगभग 21.90 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपित से गहन पूछताछ कर रही है।
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के अनुसार साइबर ठगी के मामलों की जांच के तहत चंदेरिया थानाधिकारी मोतीराम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी, जो लगातार संदिग्ध बैंक खातों की जांच में जुटी हुई थी। देशभर की विभिन्न बैंक शाखाओं से जुड़े ऐसे खातों की शिकायतें साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज थीं, जिनमें एक एसबीआई बैंक खाता विशेष रूप से संदिग्ध पाया गया। जांच में यह खाता महाराष्ट्र में दर्ज शिकायत से जुड़ा मिला, जिसमें 16 अप्रैल 2025 को 5.80 लाख रुपये की ठगी की गई थी। वहीं एक अन्य मामले में 22 अप्रैल 2025 को 14 लाख रुपये की धोखाधड़ी दर्ज मिली, जबकि तमिलनाडु के चेन्नई में दर्ज शिकायत में 17 अप्रैल 2025 को 2.10 लाख रुपये का फ्रॉड सामने आया।
जांच में यह खाता चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया क्षेत्र के हाल माल की चौगावड़ी निवासी बालुराम पुत्र कन्हैयालाल लौहार के नाम पर पाया गया, जिसे पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी का संपर्क बस्सी निवासी श्रवण सुहालका से था, जिसने एक परिचित के खाते में अवैध राशि मंगवाने की बात कही थी और इसके बदले 30 प्रतिशत कमीशन का लालच दिया गया था, जिसमें 20 प्रतिशत और 10 प्रतिशत हिस्सेदारी तय हुई थी।
लालच में आकर खाते में रकम मंगवाई गई और बाद में नकद निकालकर कमीशन रख लिया गया, जबकि शेष राशि श्रवण सुहालका को सौंप दी गई। जांच में दोनों की साइबर ठगी में संलिप्तता स्पष्ट होने पर मामला दर्ज कर बालुराम लौहार को गिरफ्तार किया गया है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों से पूछताछ जारी है।









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