नई दिल्ली, 18 मई।
राजधानी दिल्ली की सभी जिला अदालतों में सोमवार को वकीलों ने न्यायिक कार्य से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है। यह निर्णय ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशंस ऑफ दिल्ली की को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में लिया गया। वकीलों ने रोहिणी कोर्ट के जिला न्यायाधीश राकेश कुमार के कथित व्यवहार को लेकर नाराजगी जताते हुए विरोध दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, कमेटी ने आरोप लगाया कि अदालत की सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता के साथ न्यायिक अधिकारी का व्यवहार अनुचित और आपत्तिजनक रहा। संबंधित अधिवक्ता रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में असंतोष बढ़ गया, जिसके चलते सोमवार को न्यायिक कार्य से दूर रहने का निर्णय लिया गया।
को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें जिला न्यायाधीश राकेश कुमार के तत्काल तबादले की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। वकीलों का कहना है कि अधिवक्ताओं के सम्मान और न्यायिक गरिमा बनाए रखने के लिए मामले में उचित कार्रवाई आवश्यक है।
वकीलों के न्यायिक कार्य से दूर रहने के फैसले का असर जिला अदालतों में सुनवाई पर पड़ सकता है। कई मामलों की तारीख आगे बढ़ने और वादकारियों को असुविधा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बार एसोसिएशनों का कहना है कि यह कदम न्यायिक व्यवस्था में सम्मान और संवाद बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है।






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