पश्चिमी सिंहभूम, 15 मई।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित घने सारंडा जंगल के कोलबोंगा क्षेत्र में आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए जंगली हाथी की इलाज के दौरान गुरुवार देर शाम मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों में गहरा शोक व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार विस्फोट में घायल हाथी को बचाने के लिए वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार प्रयासरत थी, लेकिन गंभीर चोटों और तेजी से फैलते संक्रमण के कारण उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका और अंततः उसने दम तोड़ दिया।
बताया जाता है कि 4 मई 2026 को कोलबोंगा जंगल क्षेत्र में हुए आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से हाथी का एक पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पशु चिकित्सकों की देखरेख में तुरंत उपचार शुरू किया गया।
जंगल के भीतर ही अस्थायी उपचार व्यवस्था तैयार कर लगातार दवाइयां दी जा रही थीं। हाथी को संक्रमण से बचाने, दर्द कम करने और उसकी शारीरिक कमजोरी को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही थी, लेकिन स्थिति लगातार गंभीर होती गई।
पशु चिकित्सक डॉ. संजय घोलतकर ने बताया कि विस्फोट के कारण हाथी के पैर में गहरा घाव हो गया था। प्रारंभिक उपचार के बावजूद घाव में तेजी से संक्रमण फैलता गया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
उन्होंने यह भी बताया कि हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि उसकी मौत के वास्तविक कारणों की विस्तृत पुष्टि की जा सके और पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।















