मध्यप्रदेश में प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी अब प्रतीकात्मक नहीं रही, बल्कि निर्णय प्रक्रिया और शासन व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाते हुए वे राज्य के विकास और सुशासन की मजबूत आधारशिला बन रही हैं।
01 मई।
मध्यप्रदेश की प्रशासनिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। अब फैसलों की मेज पर महिलाओं की भागीदारी सिर्फ प्रतीक नहीं, बल्कि परिवर्तन की असली ताकत बन चुकी है। प्रदेश में लगभग 100 महिला आईएएस और 15 महिला आईपीएस अधिकारी विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्यरत हैं, जो शासन, सुरक्षा और संवेदनशीलता—तीनों का संतुलन स्थापित कर रही हैं। जिला कलेक्टर से लेकर अपर मुख्य सचिव स्तर तक और कानून-व्यवस्था से लेकर जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन तक ये महिलाएं न केवल नेतृत्व कर रही हैं, बल्कि एक संवेदनशील, जवाबदेह और परिणामोन्मुख प्रशासन की नई परिभाषा भी गढ़ रही हैं।
मध्यप्रदेश में प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे में महिला नेतृत्व तेजी से उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में लगभग 100 महिला आईएएस अधिकारी और 15 प्रमुख महिला आईपीएस अधिकारी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें से कई केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी सेवाएं दे रही हैं। आईएएस कैडर में मजबूत उपस्थिति के तहत मौजूदा मोहन यादव सरकार के दौर में राज्य में कुल 97 महिला आईएएस अधिकारी हैं, जिनमें 64 नियमित भर्ती (आरआर) और 33 राज्य सिविल सेवा से पदोन्नत होकर आई हैं। इनमें से 80 अधिकारी मध्यप्रदेश में पदस्थ हैं, जबकि 18 अधिकारी भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं।
इनमें सबसे वरिष्ठ श्रीमती अलका उपाध्याय (आरआर-1990 बैच) हैं, जबकि सबसे युवा अधिकारी सुश्री नवकिरण कौर (आरआर-2024 बैच) हैं। प्रशासनिक मजबूती का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि 7 महिला अधिकारी एसीएस और प्रमुख सचिव स्तर पर कार्यरत हैं और 17 महिलाएं वर्तमान में जिला कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इसके अलावा, श्रीमती सुरभि गुप्ता वर्तमान में शहडोल संभाग की संभागायुक्त के रूप में कार्य कर रही हैं। राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में कई अनुभवी और उभरती महिला अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रमुख नामों में श्रीमती नीलम शमी राव, श्रीमती दीप्ति गौर मुखर्जी और श्रीमती रश्मि अरुण शमी शामिल हैं, जो भारत सरकार व मध्यप्रदेश शासन में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व कर रही हैं।
श्रीमती दीपाली रस्तोगी जैसी वरिष्ठ अधिकारी से लेकर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा और सुश्री तपस्या परिहार जैसी नई पीढ़ी की अधिकारी शामिल हैं, जो मध्यप्रदेश के प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। अन्य महिला अधिकारी हैं—अलका उपाध्याय, नीलम शमी राव, दीप्ति गौर मुखर्जी, रश्मि अरुण शमी, डॉ. पल्लवी जैन गोविल, दीपाली रस्तोगी, कैरालिन खोंगवार देशमुख, सोनाली पोंक्से वायंगणकर, जी.वी. रश्मि, अरुणा गुप्ता, स्वाति मीना नाइक, रुचिका जैन, कृष्णवेणी देसावतु, छवि भारद्वाज, जे.पी. आइरीन सिंथिया, सुरभि गुप्ता, शिल्पा गुप्ता, प्रियंका दास, सूफिया फारूकी वाली, प्रीति मैथिल, वंदना वैद्य, अनुभा श्रीवास्तव, सपना निगम, तन्वी सुंदरियाल, शन्मुगा प्रिया मिश्रा, रुचिका चौहान, नेहा मारव्या सिंह, अनुग्रहा पी., निधि निवेदिता, प्रतिभा पाल, हर्षिका सिंह, उमा महेश्वरी आर., सोनिया मीना, रजनी सिंह, प्रीति जैन, उषा परमार, सरिता बाला ओम प्रजापति, मीनाक्षी सिंह, मनीषा सेंटिया, रूही खान, डॉ. सलोनी सिडाना, भावना मित्तल, रिजू बाफना, तन्वी हुड्डा, रानी बटाड़, नीतू माथुर, अंजू पवन भदौरिया, जमुना भिड़े, संस्कृति जैन, अदिति गर्ग, घुंचा सनौबर, राखी सहाय, शीला दहिमा, बिदिशा मुखर्जी, जयति सिंह, प्रीति यादव, मिशा सिंह, मालिका निगम नागर, अज़ीज़ा सरशर ज़फर, सपना पंकज सोलंकी, मंजूषा विक्रांत राय, संघमित्रा गौतम, संजना जैन, शुचिस्मिता सक्सेना, कीर्ति खुरासिया, दिशा प्रणय नागवंशी, वंदना शर्मा, अर्चना सोलंकी, अंजलि जोसेफ जोनाथन, रेखा राठौर, तपस्या परिहार, हरसिमरन प्रीत कौर, डॉ. नेहा जैन, ज्योति शर्मा, अंजू अरुण कुमार, सृष्टि देशमुख गौड़ा, काजल जावला, निधि सिंह, नंदा भालावे कुशरे, सविता झानिया, सारिका भूरिया, निशा डामर, शेली कनाश, सरजना यादव, कविता बटला, सपना अनुराग जैन, अंकिता धाकरे, वैशाली जैन, अर्चना कुमारी, अनीशा श्रीवास्तव, सौम्या आनंद, सोनाली देव, तनुश्री मीना, काजोल सिंह, दृष्टि जायसवाल और नवकिरण कौर शामिल हैं। भाव्या मित्तल और नेहा मीना दो ऐसी कलेक्टर हैं, जिन्हें भारत सरकार के प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।
वहीं देखा जाए तो आईपीएस में बढ़ती भागीदारी के साथ मध्यप्रदेश में पुलिस व्यवस्था में भी महिला अधिकारियों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। प्रमुख महिला आईपीएस अधिकारियों में शामिल हैं—प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, सोनाली मिश्रा, मीनाक्षी शर्मा, दीपिका सूरी, चैत्रा एन, रुचिका जैन, कृष्णवेणी देसावतु, मोनिका शुक्ला, सविता सोहाने, किरण लता केरकेट्टा, श्रद्धा तिवारी, प्रियंका मिश्रा, रासना ठाकुर, यांगचेन डोलकर भूटिया और वहनी सिंह। इनमें प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव और सोनाली मिश्रा ने प्रतिष्ठित महानिदेशक (डीजी) स्तर हासिल किया है, वहीं मीनाक्षी शर्मा ओएसडी, एडीजी के पद पर मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में तैनात हैं। अन्य वरिष्ठ पदों पर महिलाएं इस प्रकार हैं—एडीजी स्तर: 2 अधिकारी (मीनाक्षी शर्मा, दीपिका सूरी), आईजी स्तर: 2 अधिकारी (चैत्रा एन, रुचिका जैन), डीआईजी स्तर: 3 अधिकारी (मोनिका शुक्ला, सविता सोहाने, किरण लता केरकेट्टा), एसपी और उसके समकक्ष स्तर: 6 अधिकारी।
दिख रही राजकाज की मोहन शैली—मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कथन है, “मध्यप्रदेश में नारी शक्ति केवल सहभागिता तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन के हर महत्वपूर्ण निर्णय की केंद्रबिंदु बन चुकी है। हमारी महिला अधिकारी संवेदनशीलता, समर्पण और दृढ़ नेतृत्व के साथ प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं। सरकार महिलाओं को सशक्त बनाकर एक ऐसे समावेशी और संवेदनशील प्रशासन का निर्माण कर रही है, जहां विकास के साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन बना रहे।”