पिथौरागढ़, 01 मई
उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित आदि कैलाश में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान शिव मंदिर के कपाट विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही आदि कैलाश यात्रा तथा ॐ पर्वत दर्शन यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया। पूरे क्षेत्र में इस अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का संचार देखने को मिला।
जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए मार्ग, आवास, चिकित्सा, संचार तथा सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरी सतर्कता बरतें। प्रारंभिक चरण में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जा रही है, ताकि सभी व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को भी सतर्क मोड पर रखा गया है। स्थानीय जनता, प्रशासन, पुलिस, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, तथा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मंदिर के कपाट खोले गए। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर विश्व शांति और सुख-समृद्धि की कामना की।
उधर, धारचूला से आदि कैलाश यात्रा के लिए पहला यात्री दल तीन वाहनों के साथ रवाना हुआ। उपजिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर दल को प्रस्थान कराया। अधिकारियों के अनुसार यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
प्रशासन ने बताया कि यात्रा के लिए कुल पांच सौ आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से तीन सौ पचास आंतरिक रेखा परमिट जारी किए जा चुके हैं। यात्रियों में यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखते हुए सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।







