जयपुर, 16 अप्रैल
विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। झोटवाड़ा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (पश्चिम) की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से बड़ी संख्या में दस्तावेज और उपकरण बरामद हुए हैं, जिनमें पासपोर्ट, मुहरें, मोबाइल फोन और हिसाब-किताब की डायरियां शामिल हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
सूचना मिलने पर पुलिस ने झोटवाड़ा क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट पर देर रात दबिश दी, जहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। कार्रवाई के दौरान फ्लैट में मौजूद कुचामन निवासी लोकेंद्र सिंह और विजयपाल सिंह, झुंझुनूं निवासी लोकेश तथा रींगस निवासी गोगराज को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपी लोकेंद्र सिंह मकराना क्षेत्र का वांछित अपराधी है।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ‘डायमंड वीजा सर्विस’ नाम से फर्जी संस्था चलाकर लोगों को विदेश में नौकरी का झांसा देते थे। सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से संपर्क कर उन्हें ड्राइवर, माली और मिस्त्री जैसे कामों का लालच दिया जाता था, जिसके बाद वीजा और नौकरी के नाम पर उनसे बड़ी रकम वसूली जाती थी।
फ्लैट की तलाशी के दौरान पुलिस को 50 पासपोर्ट, 32 फर्जी मुहरें, तीन मोबाइल फोन और लेन-देन से जुड़ी पांच डायरियां मिली हैं। इनसे यह संकेत मिला है कि ठगी का नेटवर्क व्यापक स्तर पर फैला हुआ था।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं तथा कितने लोग इसके शिकार बने हैं। साथ ही अन्य राज्यों तक इसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।





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