जौनपुर, 17 अप्रैल।
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के नेतृत्व में शुक्रवार शाम जौनपुर में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें कथित “विकृत जिहादी मानसिकता”, अवैध कब्जों और सुनियोजित षड्यंत्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई।
यह प्रदर्शन शाम लगभग पांच बजे पॉलिटेक्निक चौराहा, कृषि भवन के निकट से प्रारंभ हुआ और बाजिदपुर तिराहा तथा जेसीज चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां इसे एक सभा के रूप में समाप्त किया गया। बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह को सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के जिला मिलन केंद्र प्रमुख ने कहा कि देश की सामाजिक एकता को प्रभावित करने वाली मानसिकता अब गंभीर चुनौती बन चुकी है और इसके खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
जिला संयोजक ने हाल ही में सामने आए विभिन्न मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई घटनाएं यह संकेत देती हैं कि समाज के विभिन्न वर्गों में अवैध गतिविधियों और शोषण के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में संगठित तरीके से अपराध किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
संगठन की ओर से यह भी चिंता जताई गई कि देश के कई हिस्सों में सरकारी और सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जों की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया गया।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कुछ क्षेत्रों में अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदायों से जुड़े मामलों में शोषण और पलायन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, जिस पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता है।
बजरंग दल ने ऐसी गतिविधियों में शामिल तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की और साथ ही संबंधित मामलों पर रोक लगाने के लिए सख्त केंद्रीय कानून की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।






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