भोपाल, 07 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए मंत्रिमंडल समिति की अहम बैठक भोपाल स्थित मंत्रालय में मंगलवार को आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति की व्यापक समीक्षा की गई। समिति ने जिला एवं तहसील स्तर पर कामर्शियल एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी अनियमित्ता पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में समिति ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता है और क्रूड ऑयल की भरपूर आपूर्ति के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर आपूर्ति हो रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन के अंतराल पर बुकिंग की जा रही है। वर्तमान में गैस बुकिंग सामान्य है और इसकी आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है। साथ ही, जिन घरों तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं, पिछले एक दिन में 225 नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए।
ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार अब 70 प्रतिशत कामर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि शुरुआत में केवल 20 प्रतिशत की आपूर्ति होती थी।
कालाबाजारी के मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3226 स्थानों पर कार्रवाई कर 3872 सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है।
पीएनजी कनेक्शन विस्तार को लेकर सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं को अगले तीन महीनों में दो लाख नए कनेक्शन देने का लक्ष्य दिया गया है। इसके साथ ही आवेदन और कनेक्शन वितरण की सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। थिंक गैस को पीएनजी के लाभ और कनेक्शन प्रक्रिया से संबंधित एफएक्यू तैयार करने का निर्देश भी दिया गया।
पाइपलाइन पहुँच चुके क्षेत्रों में आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को पांच दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण एवं म.प्र. औद्योगिक विकास निगम द्वारा सीजीडी संस्थाओं को 24 घंटे में पाइपलाइन बिछाने की आरओयू अनुमति देने के आदेश जारी किए गए हैं। वर्तमान में 10 से अधिक आरओयू आवेदनों को 24 घंटे के भीतर स्वीकृति दी जा रही है।
प्रदेश में कार्यरत 10 सीजीडी संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। उपभोक्ता किसी भी आवेदन या शिकायत के लिए सीधे इन कंट्रोल रूमों से संपर्क कर सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा और ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव बैठक में उपस्थित थे।










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