मुख्यमंत्री रोज निर्देश दे रहे हैं—जिले जाओ, बैठक लो, कार्यकर्ताओं से मिलो, रात रुको। लेकिन कुछ मंत्री जी ने इसका....
मुख्यमंत्री रोज निर्देश दे रहे हैं—जिले जाओ, बैठक लो, कार्यकर्ताओं से मिलो, रात रुको। लेकिन कुछ मंत्री जी ने इसका भी शॉर्टकट निकाल लिया है। जिले वालों को ही राजधानी बुला लो और बंगले पर मीटिंग निपटा दो। दो साल में गिनती के दौरे और वो भी सिर्फ औपचारिकता। ऊपर तक खबर पहुंची तो सफाई तैयार—“समय नहीं मिला।” अब सवाल यह है कि जब समय नहीं मिला, तो जिम्मेदारी क्यों ली? फिलहाल आदेश अपनी जगह हैं और मंत्री जी अपनी जगह।