काठमांडू, 06 मई।
नेपाल में गुरुकुलों और संस्कृत भाषा के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। देशभर में विद्यार्थियों के बढ़ते नामांकन के चलते संस्कृत अध्ययन की ओर फिर से रुझान मजबूत होता जा रहा है।
नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय, दांग के प्रोफेसर गुरुप्रसाद सुवेदी के अनुसार वर्तमान में देशभर में लगभग 25 हजार विद्यार्थी संस्कृत का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल में करीब 500 गुरुकुल संचालित हैं, जिनमें 300 पंजीकृत और 200 अपंजीकृत हैं।
इन गुरुकुलों में लगभग 20 हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जबकि नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय से जुड़े आंगिक और संबद्ध कॉलेजों में 4,943 विद्यार्थी शास्त्री और आचार्य स्तर की पढ़ाई कर रहे हैं। यह जानकारी विश्वविद्यालय के प्रशासन प्रमुख गिरिराज शर्मा ने दी।
तनहुँ और चितवन क्षेत्र में स्थित देवघाट इलाके के महेश संस्कृत गुरुकुल, परमानन्द संस्कृत गुरुकुल और गार्गी कन्या गुरुकुल में ही लगभग 1,000 विद्यार्थी संस्कृत अध्ययन कर रहे हैं।
प्रोफेसर सुवेदी ने बताया कि उनके छात्र जीवन में संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम थी और एक समय ऐसा भी आया था जब छात्रों को ढूंढना मुश्किल हो गया था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है और संस्कृत के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।
इस वर्ष देवघाट के हरिहर संन्यास आश्रम में कक्षा 6 से 12 तक केवल 25 सीटों के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में लगभग 300 छात्रों ने हिस्सा लिया। वहीं, महेश संस्कृत गुरुकुल की प्रवेश परीक्षा में 200 छात्र शामिल हुए, जिनमें से 33 विद्यार्थियों का चयन नए सत्र के लिए किया गया। यह बढ़ती रुचि विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों में संस्कृत के प्रति बढ़ते आकर्षण का संकेत मानी जा रही है।










