बैंकॉक, 15 मई।
हंटावायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए थाईलैंड ने इसे ‘खतरनाक संक्रामक बीमारी’ घोषित कर दिया है। संक्रमण को नियंत्रित करने और संभावित प्रसार को रोकने के लिए देश में सख्त निगरानी और अनुपालन उपाय लागू किए गए हैं।
थाईलैंड की राष्ट्रीय संक्रामक रोग समिति ने संदिग्ध मामलों की रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाते हुए तीन घंटे के भीतर सूचना देने, 12 घंटे के अंदर जांच शुरू करने और उच्च जोखिम वाले संपर्कों के लिए 42 दिन के पृथकवास की व्यवस्था को मंजूरी दी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पूरे देश में निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। प्रयोगशाला जांच और उपचार संबंधी दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं, साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रवेश स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने ऐसे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, जिनका संपर्क चूहों या अन्य संक्रमित कृन्तकों से रहा हो या जो अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों से यात्रा कर लौटे हों। तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण सामने आने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की गई है।
जानकारी के अनुसार हंटावायरस मुख्य रूप से संक्रमित कृन्तकों, उनके मूत्र, लार या मल के संपर्क में आने से फैलता है। हालांकि, इंसानों के बीच इसका संक्रमण फैलने की संभावना बेहद कम मानी जाती है।






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