भोपाल, 30 अप्रैल।
राजधानी में हाउसिंग सोसायटियों से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों निराकरण का जिम्मा अपर कलेक्टर सुमित पांडे को सौंपा गया है। बता दें कि हाउसिंग सोसाइटी में ऐसे 914 लोग हैं, जिन्हें पैसा जमा करने के 16 साल बाद भी उनके हक का प्लाट नहीं मिल पा रहा है। कई बार प्लॉट आवंटन की सूची तैयार की गई, लेकिन इन्हें प्लाट नहीं मिल सका है।
बता दें कि 2010 में तत्कालीन कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव और 2019 में तत्कालीन कलेक्टर तरुण पिथोडे पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए जनसुनवाई की शुरूआत की थी। कुछ लोगों को मदद भी मिली। लेकिन, ज्यादातर मामलों में लोगों को इंसाफ नहीं मिल सका। अब कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने फिर हाउसिंग सोसायटियों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण की जिम्मेदारी आईएएस व अपर कलेक्टर सुमित पांडे को सौंपी है। जनसुनवाई में लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को सभी मामलों को एकत्रित कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर सिंगल विंडो सिस्टम के तहत हाउसिंग सोसाइटियों के सदस्यों को प्लॉट दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रोहित हाउसिंग सोसाइटी की सदस्य प्रीति सक्सेना, कन्हैयालाल बिजलानी, भूपेंद्र सिंह सहित अन्य ने शिकायत में बताया कि 15 वर्षों से उनके प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई है।
सीएम हेल्पलाइन में 285 शिकायतें पेंडिंग
जिले में सहकारिता विभाग से जुड़ी 285 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन में लंबित हैं। इनमें सोसायटी से सदस्यों को बाहर करना, प्लॉट आवंटन में देरी, रजिस्ट्री नहीं कराना, बाहरी लोगों को प्लॉट देना और राशि लेने के बावजूद प्लॉट न देना जैसी शिकायतें शामिल हैं।






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