हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों का इस बार का माहौल पहले से पूरी तरह अलग दिखाई दे रहा है, जहां परंपरागत राजनीति की जगह अब शिक्षित और पेशेवर युवाओं की मजबूत भागीदारी सामने आ रही है। एमबीए, एमएससी, एलएलबी, बीएड जैसी उच्च डिग्रियों के साथ कई उम्मीदवार गांवों की राजनीति में सक्रिय होकर मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी और पूर्व अधिकारी भी इस बार चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला और अधिक रोचक हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार अब ग्रामीण मतदाता भी उम्मीदवारों की शिक्षा, दृष्टिकोण और कार्यशैली को प्राथमिकता देने लगे हैं।
मंडी जिले के धर्मपुर विकास खंड की सिद्धपुर पंचायत से प्रधान पद के उम्मीदवार अजय कुमार एमएससी बायोटेक्नोलॉजी और बीएड में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हैं और पंचायत को राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। चोलथरा पंचायत से चुनाव लड़ रहे संतोष राणा एमएससी और बीएससी डिग्री धारक हैं, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को अपनी प्राथमिक प्राथमिकता बता रहे हैं।
सधोट पंचायत से प्रधान पद के उम्मीदवार विशाल ठाकुर पेशे से अधिवक्ता हैं और उनका कहना है कि पंचायतों में युवाओं की भागीदारी समय की आवश्यकता है। वहीं समौड़ पंचायत से मैदान में उतरे प्रताप सकलानी भी वकील हैं और उनका मानना है कि कानूनी ज्ञान से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और अधिकारों की बेहतर जानकारी मिल सकती है।
मेन भरोला, टिकरू और रोपड़ी पंचायत क्षेत्र से बीडीसी पद के उम्मीदवार गगन ठाकुर एमबीए डिग्री धारक हैं, जो युवाओं को नशे से दूर रखने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की बात कर रहे हैं। वे स्वरोजगार और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करने की बात कहते हैं।
रोपड़ी पंचायत से प्रधान पद के उम्मीदवार विनय राणा एमबीए फाइनेंस एंड मार्केटिंग की शिक्षा प्राप्त हैं और पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता तथा डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने को अपना प्रमुख एजेंडा बता रहे हैं। कई युवा प्रत्याशी शिक्षा, खेल और रोजगार के अवसर बढ़ाने को मुख्य मुद्दा बना रहे हैं।
शिमला से सटे चमियाना, बल्देयां, हलोग-धामी और बढ़ई वार्डों में भी इस बार उच्च शिक्षित प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां कई उम्मीदवार एमए, एलएलबी और यौगिक विज्ञान में स्नातकोत्तर हैं। इन वार्डों में कुल 21 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि चमियाना वार्ड से जिला परिषद सदस्य पद के प्रत्याशी 29 वर्षीय खुशविक्रम सेन भी चर्चा में हैं।
नामांकन पत्रों के अनुसार कई उम्मीदवार करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, जिनमें कृषि भूमि, मकान, व्यावसायिक संपत्तियां, बैंक जमा और निवेश शामिल हैं। कुछ प्रत्याशियों के पास लग्जरी वाहन और आभूषण भी दर्ज हैं, जबकि कुछ पर ऋण भी है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को होंगे, जिनमें 31,182 पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इनमें हजारों प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी और जिला परिषद पद शामिल हैं। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना मतदान के तुरंत बाद होगी, जबकि अन्य पदों की गिनती 31 मई को की जाएगी।
प्रदेश में 50 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे, जिनमें करीब 52 हजार युवा पहली बार मतदान करेंगे। पूरे राज्य में 21 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सबसे ऊंचा मतदान केंद्र लाहौल-स्पीति में स्थापित किया गया है, जबकि सबसे अधिक और सबसे कम मतदाता वाले क्षेत्र भी चर्चा में हैं।










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