सरकार व नीतियाँ
29 Apr, 2026

महिला रोजगार में ऐतिहासिक उछाल! 22% से 39% तक पहुंचा आंकड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में महिलाओं की रोजगार भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि और कार्यबल में उनकी बढ़ती हिस्सेदारी को रेखांकित करते हुए इसे सशक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

नई दिल्ली, 29 अप्रैल।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में महिलाओं की रोजगार भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को रेखांकित करते हुए एक लेख साझा किया है, जिसमें हाल के वर्षों में नौकरी के अवसरों में सुधार और कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया गया है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा साझा किए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2017 में 22 प्रतिशत रही महिला रोजगार दर वर्ष 2025 में बढ़कर 39 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

अपने लेख में मंत्री मांडविया ने कहा कि यह वृद्धि महिला श्रम बल भागीदारी और रोजगार परिणामों में व्यापक सुधार को दर्शाती है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के लिए नए अवसरों का विस्तार हुआ है, जिससे महिला रोजगार संकेतकों में सकारात्मक बदलाव आया है।

उन्होंने बताया कि महिला श्रम बल भागीदारी दर वर्ष 2017–18 के 23.3 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसी तरह महिला कार्यबल अनुपात भी 22 प्रतिशत से बढ़कर करीब 39 प्रतिशत हो गया है।

मंत्री ने यह भी कहा कि महिला बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है, जो 5.6 प्रतिशत से घटकर 3.1 प्रतिशत रह गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि रोजगार के अवसर बढ़े हैं और नौकरी पाने की स्थिति में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी सशक्त भारत के निर्माण का आधार है और समान भागीदारी सामाजिक आवश्यकता के साथ-साथ आर्थिक मजबूरी भी है।

मांडविया ने यह भी बताया कि देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2015 में 19 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 64.3 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके पीछे श्रम सुधार, डिजिटल समावेशन और लक्षित कल्याण योजनाओं की भूमिका रही है।

उन्होंने 2020 में लागू सामाजिक सुरक्षा संहिता का भी उल्लेख किया, जिसमें गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को पहली बार औपचारिक रूप से शामिल किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा और कानूनी संरक्षण मिला है।

उन्होंने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत अब कानून में शामिल किया गया है, जो लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

साथ ही उन्होंने बताया कि वर्क फ्रॉम होम, मातृत्व लाभ और क्रेच सुविधाओं जैसी व्यवस्थाओं ने उन संरचनात्मक बाधाओं को कम किया है, जिनके कारण पहले महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी सीमित रहती थी।

मंत्री ने गिग और प्लेटफॉर्म नौकरियों की बढ़ती भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि महिला डिलीवरी पार्टनर न केवल अपने परिवारों का सहारा बन रही हैं, बल्कि समाज में प्रेरणा भी दे रही हैं।

कार्यक्रम में मंत्री ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ी महिला डिलीवरी पार्टनर्स को सम्मानित भी किया, जिन्होंने सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को पार कर आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में कदम बढ़ाया है।

|
आज का राशिफल

इस सप्ताह आपके लिए अनुकूल समय है। पेशेवर मोर्चे पर सफलता मिलने के योग हैं। व्यक्तिगत जीवन में भी सुकून और संतोष रहेगा।
भाग्यशाली रंग: लाल
भाग्यशाली अंक: 9
मंत्र: "ॐ हं राम रामाय नमः"

आज का मौसम

भोपाल

28° / 41°

SUNNY

ट्रेंडिंग न्यूज़