मेदिनीपुर, 25 मई।
पूर्व मेदिनीपुर जिले की पांशकुड़ा और हल्दिया नगरपालिकाओं में लंबे समय से चुनाव न कराए जाने को लेकर राजनीतिक वातावरण में तीखी बहस शुरू हो गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि हार की आशंका के चलते तृणमूल कांग्रेस ने इन दोनों नगरपालिकाओं में चुनाव नहीं कराए और प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से कामकाज संचालित किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि निर्वाचित बोर्ड के अभाव में शहरी क्षेत्रों की नागरिक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
पांशकुड़ा नगरपालिका में वर्ष 2017 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 18 में से 17 वार्डों पर विजय प्राप्त की थी, लेकिन इसके बाद चेयरमैन पद को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद उत्पन्न हो गए। वर्ष 2022 में बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्य सरकार ने प्रशासक की नियुक्ति कर दी, जिसके बाद तामलुक के एसडीओ को नगरपालिका का प्रशासक बनाया गया।
इसी प्रकार हल्दिया नगरपालिका में भी 2022 से चुनाव नहीं कराए गए हैं और यहां भी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत संचालन किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इससे सफाई, सड़क और अन्य बुनियादी नागरिक सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
हाल ही के विधानसभा चुनाव परिणामों में दोनों क्षेत्रों में भाजपा को बढ़त मिलने के बाद पार्टी में उत्साह का माहौल है। भाजपा नेताओं का दावा है कि यदि वर्तमान में नगरपालिका चुनाव कराए जाएं तो पांशकुड़ा और हल्दिया दोनों में पार्टी बोर्ड गठन करने में सक्षम होगी।
सोमवार सुबह हल्दिया से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक प्रदीप कुमार बिजली ने कहा कि जनता ने तृणमूल कांग्रेस को अस्वीकार कर दिया है और शीघ्र नगरपालिका चुनाव कराए जाने चाहिए। वहीं पांशकुड़ा भाजपा नेताओं ने भी दावा किया कि क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में मजबूत माहौल बन चुका है।
दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन नंदकुमार मिश्रा ने स्वीकार किया कि समय पर चुनाव होना अधिक उचित होता, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव में जनता ने परिवर्तन के पक्ष में मतदान किया है, जिसे स्वीकार करना आवश्यक है।















