गांधीनगर, 25 मई।
गुजरात सरकार ने डिजिटल शासन को नई दिशा देते हुए नागरिकों को व्हाट्सएप के माध्यम से सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘नागरिक देवो भवः’ की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार और मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक के बीच गांधीनगर में व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवा वितरण को लेकर महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में हुए इस समझौते को गुजरात में एक दिवसीय शासन व्यवस्था से आगे बढ़कर व्हाट्सएप आधारित शासन की ओर एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जा रहा है।
राज्य सरकार पहले ही ‘सुगम डिजिटल गुजरात’ पहल के तहत पांच प्रमुख विभागों की लगभग बीस नागरिक केंद्रित सेवाएं व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से उपलब्ध करा चुकी है। अब इस नई साझेदारी से इन सेवाओं को और अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाया जाएगा।
नई व्यवस्था के लागू होने पर नागरिक एक ही व्हाट्सएप नंबर के जरिए अंग्रेजी और गुजराती भाषा में विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ अपने मोबाइल पर घर बैठे ले सकेंगे। इसके लिए अलग-अलग सरकारी पोर्टल या कार्यालयों में लंबी कतारों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
नागरिकों को शिकायत निवारण सहायता, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग प्रमाण पत्र, राशन कार्ड अपडेट, राजस्व रिकॉर्ड और शपथ पत्र जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र मिलने तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी और रियल टाइम स्थिति ट्रैकिंग भी मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी। मोबाइल पर कुछ ही क्लिक में सुविधा मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी, साथ ही पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से और अधिक सेवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव हारित शुक्ला, मेटा के निदेशक एवं नीति प्रमुख अमन जैन तथा कंट्री डायरेक्टर ए. श्रीनिवास ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में मुख्य सचिव एम. के. दास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







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