शिमला, 26 मई।
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान आज सुबह सात बजे से आरंभ हो गया है। राज्य की 1,293 पंचायतों में ग्रामीण सरकार चुनने के लिए मतदाता उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण के मतदान में पंचायत प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के लिए लगभग 7,200 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में करीब 16 लाख मतदाता बैलेट पेपर के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान का समय सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए पूरे प्रदेश में 16,539 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील घोषित किए गए मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पूरी मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रशासन और निर्वाचन आयोग की टीमें लगातार सक्रिय हैं।
इस बार पंचायत चुनावों में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, तीनों चरणों में 52,349 नए मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें युवा वर्ग की बड़ी संख्या शामिल है। आयोग को पिछले चुनावों की भांति इस बार भी रिकॉर्ड मतदान की उम्मीद है।
ज्ञात हो कि हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण के बाद, शेष दो चरणों के लिए 28 मई और 30 मई को मतदान होगा। मतगणना की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से संपन्न होगी, जिसमें प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के परिणाम मतदान के दिन ही घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद के परिणामों की घोषणा 31 मई को की जाएगी।
इस चुनावी प्रक्रिया में राज्य भर से कुल 131 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। नामांकन वापसी के बाद पूरे प्रदेश में विभिन्न पदों पर 10,854 प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं।















