शिमला, 23 जुलाई।
जिला पुलिस ने नशा तस्करी के मामलों में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए एक आदतन तस्कर को पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत निरुद्ध किया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे आरोपियों की दोबारा आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना और उन्हें समाज व सार्वजनिक स्थानों से दूर रखना है।
पुलिस के अनुसार टिक्कर निवासी अनुज चौहान पुत्र बिहारी लाल के विरुद्ध पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट की धारा 3(1) के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव को हिमाचल प्रदेश सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद डिटेंशन आदेश जारी किए गए। आदेशों के पालन में 22 जुलाई को आरोपी को हिरासत में लिया गया और सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे आदर्श कारागार कंडा भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक अनुज चौहान के खिलाफ कई वर्षों से अलग-अलग मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। वर्ष 2014 में सोलन जिले के कंडाघाट थाना में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 279, 337 और 304-ए के साथ मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं 181 और 192 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2016 में रोहड़ू थाना में उसके खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया।
एनडीपीएस से जुड़े मामलों में वर्ष 2023 में रोहड़ू थाना में उसके खिलाफ अधिनियम की धाराओं 21, 25 और 29 के तहत तथा वर्ष 2024 में जुब्बल-कोटखाई थाना में धाराओं 21 और 29 के तहत मामले दर्ज किए गए थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों, अपराध दोहराने की प्रवृत्ति और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में उसकी संलिप्तता को देखते हुए उसके विरुद्ध यह निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
जिला शिमला पुलिस के अनुसार अब तक जिले में पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 43 आरोपियों पर निरोधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।












