जयपुर, 23 जुलाई।
प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018 की ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी कर अनुचित लाभ लेने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि स्कैनिंग के दौरान उसके वास्तविक 29 अंक बढ़ाकर 190 अंक दर्ज कर दिए गए थे, जिसके आधार पर उसका अनंतिम चयन हुआ था। बाद में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की री-स्कैनिंग में पूरे मामले का खुलासा हुआ।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जयप्रकाश (28) निवासी नदबई, जिला भरतपुर है। जांच के अनुसार भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट स्कैनिंग का कार्य करने वाली निजी एजेंसी राभव लिमिटेड के कार्मिकों ने 27 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में कथित रूप से काटछांट कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया था। इस मामले में एसओजी थाने में पहले से प्रकरण दर्ज है और जांच जारी है।
एसओजी के अनुसार जांच में यह सामने आया कि राभव लिमिटेड के कर्मचारियों और कंपनी के कार्यकारी निदेशक ने जयप्रकाश के साथ कथित मिलीभगत कर स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान उसकी ओएमआर शीट में बदलाव किया। इसी कारण उसके 29 अंक बढ़ाकर 190 अंक दर्ज किए गए और वह अनंतिम रूप से चयनित हो गया। बाद में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से कराई गई री-स्कैनिंग में उसका वास्तविक प्राप्तांक 29 अंक ही पाया गया।
इस मामले में एसओजी इससे पहले स्कैनिंग एजेंसी राभव लिमिटेड के कार्मिक विनोद कुमार गौड़, शादान खान तथा कंपनी के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी कर चयनित हुए छह अन्य अभ्यर्थियों महेंद्र कुमार मीणा, देवेंद्र सिंह गुर्जर, विजय सिंह मीणा, पिंटू कुमार मीणा, संजय कुमार सैनी और पंकज कुमार सैनी को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसओजी का कहना है कि गिरफ्तार अभ्यर्थी से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।












