भोपाल, 23 जुलाई।
मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को नाथुबरखेड़ा स्थित निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और प्रस्तावित महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को सभी कार्य तय समय-सीमा में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने खेल अधोसंरचना, सुरक्षा व्यवस्था, खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के फेस-1 का लोकार्पण जल्द किया जाएगा, जिसके बाद यहां एथलेटिक्स, हॉकी और फुटबॉल की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। इन खेलों के लिए तैयार की गई आधुनिक सुविधाएं खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराएंगी।
मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य मध्य प्रदेश में ऐसी खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं अपने ही प्रदेश में मिल सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में यह परिसर राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविरों, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और बड़े खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि एथलेटिक्स ट्रैक, हॉकी टर्फ, फुटबॉल मैदान, चेंजिंग रूम, मेडिकल सुविधाएं, दर्शक दीर्घा, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, आईटी नेटवर्क और अन्य आवश्यक कार्य प्रतियोगिता से पहले पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अधिकारियों और दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
मंत्री ने परिसर की प्रवेश और निकास व्यवस्था, सड़क संपर्क, हरित क्षेत्र, फायर सेफ्टी, साइनेज, विद्युत एवं जल आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था तथा प्रशासनिक भवनों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने, नियमित तकनीकी निरीक्षण कराने और आवश्यकता पड़ने पर थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने परिसर में सौर ऊर्जा के उपयोग, आधुनिक कैफेटेरिया, पर्याप्त पार्किंग, हरित विकास और अन्य जनसुविधाओं को भी प्राथमिकता के साथ विकसित करने को कहा। मंत्री सारंग ने कहा कि नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स मध्य प्रदेश की नई खेल पहचान बनेगा और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा।












